बिजनौर। जिले में पिछले एक सप्ताह से कड़ाके की ठंड का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके चलते आम जनजीवन पर ठंड का प्रभाव गहराता जा रहा है। लगातार जारी शीत लहर के कारण लोग रोजमर्रा की गतिविधियों को भी सावधानीपूर्वक अंजाम दे रहे हैं।
भारी कोहरे से विजिबिलिटी कम, हाईवे पर वाहन रेंगते हुए
सुबह के समय घने कोहरे ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया।
कम दृश्यता ने हाईवे, मुख्य सड़कों और ग्रामीण मार्गों पर वाहनों की रफ्तार को धीमा कर दिया। चालक दिन के समय भी हेड लाइट एवं फॉग लाइट का उपयोग करने को मजबूर दिखे।
रेल यातायात पर भी इसका असर देखने को मिला और कई ट्रेनें धीमी गति या विलंब से चलीं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर — रैन बसेरों व अलाव व्यवस्था का निरीक्षण
कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने सोमवार रात रैन बसेरों का स्थलीय निरीक्षण किया।
हर चौराहे पर अलाव व्यवस्था की भी स्थिति जांची गई। जहाँ भी कमियाँ मिलीं, उन्हें दूर करने के निर्देश जारी किए गए।
स्थानीय स्तर पर भी लोगों ने स्थिति का जायजा लिया। मैंने स्वयं प्रशासन द्वारा लगाए गए रैन बसेरों एवं अलाव व्यवस्था की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा।

शीतलहर के चलते जनजीवन प्रभावित
- सुबह स्कूल-कॉलेज की गतिविधियों पर असर
- राहगीरों एवं मजदूरों को सबसे अधिक परेशानी
- बाजारों में सुबह भीड़ कम, शाम को जल्दी सन्नाटा
- चिकित्सकों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी
FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. बिजनौर में मंगलवार को न्यूनतम तापमान कितना दर्ज किया गया?
A1. बिजनौर में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 4.4°C दर्ज किया गया।
Q2. घने कोहरे से सबसे ज्यादा असर कहाँ दिखा?
A2. हाईवे और मुख्य सड़कों पर वाहन धीमी गति से चले, जिससे यातायात प्रभावित रहा।
Q3. प्रशासन ने ठंड से निपटने के लिए क्या कदम उठाए?
A3. जिलाधिकारी ने रैन बसेरों और अलाव व्यवस्था का निरीक्षण किया और सुधार के निर्देश दिए।
Q4. शीतलहर से किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है?
A4. बुजुर्ग, बच्चे और बीमार व्यक्ति विशेष सतर्कता रखें।
Conclusion
बिजनौर में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच प्रशासनिक प्रयास जारी हैं। लोगों से अपील है कि वे गरम कपड़े पहनें, अनावश्यक यात्रा न करें, तथा मौसम विभाग की सलाहों का पालन करें।
आने वाले दिनों में भी तापमान गिरने की संभावना है, ऐसे में सतर्कता व संयम ही सुरक्षा है।

