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CM डॉ. मोहन यादव

MP Assam Wildlife Exchange News in Hindi

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को पत्र लिखकर दोनों राज्यों के बीच वन्यजीव विनिमय (Wildlife Exchange) का औपचारिक प्रस्ताव भेजा है।
इस प्रस्ताव के तहत मध्य प्रदेश ने असम से जंगली भैंसे और एक-सींग वाले गैंडे प्राप्त करने की इच्छा जताई है, जबकि बदले में राज्य बाघ, तेंदुए या अन्य उपयुक्त वन्यजीव देने को तैयार है।

MP-असम के बीच वन्यजीव विनिमय का बड़ा प्रस्ताव

मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यह वन्यजीव विनिमय न केवल दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग को नई मजबूती देगा, बल्कि मध्य प्रदेश में उन वन्यजीवों को दोबारा बसाने में मदद करेगा, जो समय के साथ विलुप्त हो चुके हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रस्ताव देश में संरक्षण आधारित वन्यजीव प्रबंधन का एक सशक्त उदाहरण बन सकता है।

कान्हा टाइगर रिजर्व में फिर बसेंगे जंगली भैंसे

जंगली भैंसों के पुनर्वास की यह योजना तब तेज हुई, जब नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) ने नवंबर 2024 में कान्हा टाइगर रिजर्व में जंगली भैंसों को फिर से बसाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी।

NTCA की अनुमति के अनुसार, मध्य प्रदेश को कुल 50 जंगली भैंसों के ट्रांसलोकेशन की स्वीकृति मिली है—

  • असम से: 20 जंगली भैंसे
  • छत्तीसगढ़ से: 15 जंगली भैंसे
  • महाराष्ट्र से: 15 जंगली भैंसे

इस योजना का उद्देश्य मध्य प्रदेश में जंगली भैंसों की स्थायी आबादी स्थापित करना और भविष्य में एक-सींग वाले गैंडों के संरक्षण के लिए बेहतर जीन पूल तैयार करना है।

एक-सींग वाले गैंडों की मध्य प्रदेश में होगी वापसी

जंगली भैंसों के साथ-साथ मध्य प्रदेश सरकार ने एक-सींग वाले गैंडों को भी राज्य में लाने की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रस्ताव के अनुसार, शुरुआत में गैंडों के एक जोड़े को राजधानी भोपाल स्थित वन विहार नेशनल पार्क में रखा जाएगा। इससे मध्य प्रदेश देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा, जहाँ एक-सींग वाले गैंडों का संरक्षण किया जाता है।

वन्यजीव संरक्षण को मिलेगी नई दिशा

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यह Wildlife Exchange योजना मध्य प्रदेश की पहचान को केवल “टाइगर स्टेट” तक सीमित न रखते हुए उसे जैव विविधता संरक्षण का मॉडल राज्य बनाएगी।
साथ ही, यह पहल असम और मध्य प्रदेश दोनों में प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

निष्कर्ष

MP और असम के बीच प्रस्तावित यह वन्यजीव विनिमय योजना भारत में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। आने वाले समय में यह पहल देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।