सिद्धार्थनगर, 29 दिसंबर 2025:
भगवान गौतम बुद्ध के बचपन के नाम ‘सिद्धार्थ’ से जुड़ी ऐतिहासिक धरती सिद्धार्थनगर आज अपने 37वें स्थापना दिवस का साक्षी बनी। सुबह से शुरू हुए कार्यक्रमों में शहर के प्रमुख बुद्ध प्रतिमाओं व पवित्र स्थलों पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन, परिक्रमा व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच जिले के विकास को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गईं।

सुबह बुद्ध प्रतिमाओं पर माल्यार्पण से हुई शुरुआत
दिन का आरंभ साड़ी तिराहा, सिद्धार्थ चौहराहा और बर्डपुर तिराहा पर भगवान बुद्ध की प्रतिमाओं को पुष्प अर्पित कर हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मा० सांसद डुमरियागंज श्री जगदम्बिका पाल, जिलाध्यक्ष भाजपा कन्हैया पासवान, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, एवं अन्य अधिकारियों ने श्रृद्धासुमन अर्पित किए।
आगे कपिलवस्तु स्तूप – अलीगढ़वा में सांसद श्री पाल, मा० विधायक/नेता प्रतिपक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन और भाजपा जिलाध्यक्ष श्री कन्हैया पासवान ने दीप प्रज्ज्वलन कर स्तूप पूजा, माल्यार्पण और परिक्रमा की।
“जनपद सिद्धार्थनगर की पहचान गौतम बुद्ध की धरती से है, यह हमारा सम्मान और गौरव है।”
— मा० सांसद डुमरियागंज श्री जगदम्बिका पाल
सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा — ‘यह धरती बुद्ध का आशीर्वाद है’
अपने संबोधन में सांसद श्री पाल ने जनपद की ऐतिहासिक विरासत को स्मरण करते हुए कहा कि:
- 29 दिसंबर 1988 को बस्ती से कटकर बना जिला आज दुनिया में बुद्धभूमि के रूप में जाना जाता है।
- बुद्ध सर्किट विकास के लिए 250 करोड़ रुपये स्वीकृत
- कपिलवस्तु म्यूज़ियम में बुद्ध अस्थि कलश लाने के प्रयास जारी
- 55 एकड़ भूमि विकास कार्यों हेतु अधिग्रहीत
- कपिलवस्तु में लाइट एंड साउंड शो व विपश्यना केंद्र निर्माण प्रगति पर
“मैं बस्ती में विधायक था जब जनपद बना। आज सांसद के रूप में इस धरती की सेवा मेरी पहचान है।”
— जगदम्बिका पाल

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय: ‘बुद्ध का संदेश आज भी विश्व को राह दिखा रहा’
श्री पाण्डेय ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा:
- सिद्धार्थ ने सत्य, अहिंसा, करुणा का मार्ग दिया जो आज भी विश्व शांति की नींव है।
- बौद्ध देशों में यात्रा के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया आज भी सिद्धार्थ से प्रेरणा लेती है।
“यह धरती वह स्थान है जहाँ से बुद्ध का प्रकाश पूरी दुनिया में गया।”
— माता प्रसाद पाण्डेय, नेता प्रतिपक्ष
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन: ‘पर्यटन और विकास दोनों पर समान फोकस’
जिलाधिकारी ने बताया:
- कपिलवस्तु स्तूप मार्ग जल्द ही 4-लेन सड़क बनेगा
- विपश्यना केंद्र व लाइट एंड साउंड शो जनता के लिए शीघ्र उपलब्ध होंगे
- काला नमक चावल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है
- विकास कार्यों को गति और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है।

सांस्कृतिक प्रस्तुति में गूँजा ‘कपिलवस्तु गीत’
पूजन-अर्चना के पश्चात शिवपति इंटर कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गीत और ‘कपिलवस्तु गीत’ प्रस्तुत कर कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भरा।
भिक्षुजनों का सम्मान एवं कंबल वितरण — सेवा का संदेश
कार्यक्रम के दौरान सांसद, विधायक, जिलाधिकारी सहित अधिकारियों की उपस्थिति में भन्तेगणों को कंबल वितरण कर सम्मानित किया गया।
अंत में पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी ने सभी अतिथियों, अधिकारियों व जनता का आभार जताया।
संचालन नीतेश पाण्डेय द्वारा किया गया।

कौन-कौन रहे उपस्थित? (Notable Dignitaries List)
- एस.पी. अग्रवाल — प्रतिनिधि सांसद
- मुमताज अहमद
- एडीएम (वि/रा) गौरव श्रीवास्तव
- वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेन्द्र कुमार मौर्य
- उपजिलाधिकारी नौगढ़ कल्याण सिंह मौर्य
- डीआईओएस अरुण कुमार
- बीएसए शैलेश कुमार
- खंड विकास अधिकारी बर्डपुर
- अधिशासी अधिकारी नगर पालिका गोविंद माधव
- अधि.अधि. कपिलवस्तु नवीन कुमार सिंह
- एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, मीडिया व स्थानीय जनता


स्थापना दिवस का सार
| तत्व | विवरण |
|---|---|
| वर्ष | 37वां स्थापना दिवस |
| मुख्य केंद्र | कपिलवस्तु स्तूप, बुद्ध प्रतिमाएँ |
| मुख्य संदेश | अहिंसा, करुणा, विकास |
| प्रमुख घोषणाएँ | बुद्ध सर्किट, लाइट एंड साउंड शो, विपश्यना केंद्र |
Conclusion — सिद्धार्थनगर का भविष्य बुद्ध के संदेशों के साथ विकास पथ पर
अहिंसा, करुणा और विश्व शांति का संदेश देने वाली बुद्धभूमि सिद्धार्थनगर, आज न केवल अपने इतिहास को सम्मान दे रही है, बल्कि पर्यटन, सांस्कृतिक धरोहर और बौद्ध सर्किट विकास के माध्यम से भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास कर रही है।
स्थापना दिवस के 37 वर्षों के इस सफर ने सिद्धार्थनगर को आस्था, इतिहास और विकास— तीनों में मजबूती से स्थापित किया है।

